Judayi Shayari

उन्होंने देखा और आंसू गिर पड़े,
भरी बसंत में जैसे फूल गिर पड़े,
दुख यह नहीं कि उन्होंने हमें अलविदा कहा,
दुख तो ये है कि उसके बाद वो खुद भी रो पड़े.

आपका नाम लबों पर नहीं लाते,
पर शर्म बयान करती है,
छुपाते हैं जो बात जहान से,
वो आंखें कहां करती है,
हमारे दिल ने ही है ठुकराया हमें,
क्योंकि इस दिल में आप रहा करती है.

प्यारा सा एहसास हो तुम,
हर पल दिल के पास हो तुम,
जीने की एक एहसास हो तुम,
मन का विश्वास हो तुम,
शायद इसीलिए कुछ खास हो तुम.

गम ने हंसने न दिया, जमाने ने रोने ना दिया,
इस उलझन ने चैन से जीने न दिया,
थक के जब सितारों से पनाह ली,
नींद आई तो तेरी याद ने सोने ना दिया.

आंखों में तेरी तस्वीर है,
जुबान पर तेरा नाम है,
क्या करें सनम,
हम तो तेरी चाहत में बदनाम है.

आप नहीं आपकी फोटो ही सही,
मोहब्बत नहीं मोहब्बत की चाहत ही सही,
यूं तो बहुत नशा हो गया हमको,
क्या हुआ जो आंखों से पीने की चाहत ही सही.

दीप जलते रहे जगमगाते रहे,
हम तुम्हें तुम हमें याद आते रहे,
जब तक जिंदगी है दुआ है मेरी की,
आप फूलों की तरह मुस्कुराते रहें.

लोगों को अक्सर कहते सुना है कि
जिंदा रहेंगे तो फिर मिलेंगे,
मगर इस दिल ने महसूस किया है कि
मिलते रहोगे तो जिंदा रहोगे.

किस्मत पर एतबार किसको है,
मिल जाए खुशी तो इंकार किसको है,
कुछ मजबूरियां है हमारे सामने में भी,
वरना आपकी जुदाई से प्यार किसको है.

मिलने कि जुस्तजू भी है,
दिल में तू रूबरू ही है,
हमने सोचा कि दिल को जला डाले,
फिर खयाल आया कि दिल में तू ही है.

हम दिल की महफिल में रहते थे.
फिर एक बार दिल जलाया है,
जिस पर हमने अपना सब कुछ लुटाया है,
उसी ने हमारे प्यार को झूठलाया है.

आसूँ को आंखों की दहलीज पर बुलाया ना करो,
अपने दिल की हालात किसी को बताया ना करो,
लोग मुट्ठी भर नमक के लिए घूमा करते हैं,
अपने जख्म किसी को दिखलाया ना करो.

दिल का दर्द दूसरों को महसूस कराएं कैसे,
अपने दिल का जख्म दूसरों को दिखाएं कैसे,
लोग कहते हैं इतने गम में भी कैसे मुस्कुराते हो,
जिन आंखों की नमी ही चली गई हो,
उनमें आंसू लाए कैसे?

फिजाओं से फूल कभी टूटते नहीं,
दिल से दिल कभी रूठते नहीं,
नाम तो पूछते हैं बेगानों का इस जहां में है,
अपनों से नाम कभी पूछते नहीं.

खामोश रात के पहलू में सितारे नहीं होते,
इन रुखीं आंखों में रंगीन नजारे ना होते हैं,
हम भी ना करते परवाह,
अगर आप इतने प्यारे ना होते.

परखना मत परखने में कोई अपना नहीं रहता,
किसी भी आईने में देर तक चेहरा नहीं रहता,
मोहब्बत एक खुशबू है हमेशा साथ चलती है,
कोई इंसान तन्हाई में भी तनहा नहीं रहता.

अकेला सा मेहसूस करो जब तन्हाई में,
याद मेरी आए जब जुदाई में,
मसूर करना तुम्हारे ही पास हूं मैं,
जब चाहे मुझे देख लेना अपनी परछाई में.

इस सुबकती तन्हाई पे,
इस दर्द की गहराई से,
यह दिल कुछ बात कर रहा है,
जरा समझो इस फिजा की जुबान को,
आज फिर तुम्हें कोई याद कर रहा है.

थी उम्मीद जिन से बड़ी-बड़ी,
वो मिले जो आज तो यूं मिले,
मैं नजर उठाकर तरप गया,
वो नजर झुका के चले गए.

आंखों में अरमान दिया करते हैं,
हम सबकी नींद चुरा लिया करते हैं,
अब के जब जब आपकी पलकें झपाकेंगी,
समझ लेना तब-तब हम आपको याद किया करते हैं.

इश्क हमें जीना सिखा देता है,
वफा के नाम पर मरना सिखा देता है,
इश्क नहीं किया तो करके देखो,
जालिम हर दर्द सहना सिखा देता है.

तुमसे जो उम्मीद ना थी, वो दर्द तूने दे दिया,
तुमको जमाने की सारी खुशियां मिले,
जा तेरे हिस्से का सारा दर्द हमने ले लिया.

हमने सोचा अब हम भी लिखेंगे शायरी,
प्यार, इश्क, दर्द से भरी लिख डाली एक शायरी,
लोगों ने भी करीब खूब वाह वाह,
लेकिन जिसके लिए लिखी थी,
उस जालिम ने फार दी वो शायरी.

होठों की जुबा ये आंसू कहते हैं,
जो चुप रहते हैं फिर भी बाहतें हैं,
और इन आंसुओं की किस्मत तो देखिए,
ये उनके लिए बातें हैं,
जो इन आंखों में रहते हैं.

कुछ बिखरे सपने और आंखों में नमी है,
एक छोटा-सा आसमा और उम्मीदों की जमीं है,
यूं तो बहुत कुछ है जिंदगी में,
सिर्फ जिसे चाहते हैं उसी की कमी है.

आहों की आवाज कुछ और होती है,
आंसुओं की आग कुछ और होती है,
कौन चाहता है बिछड़ना अपनों से,
वो तो वक्त की मार होती है.

दिल का जख्म जुबान पर लाया नहीं करते,
हम अपनी आंखों से आंसू बहाया नहीं करते,
जख्म कितने भी गहरे क्यों ना हो,
हम अपने होठों से मुस्कुराहट हटाया नहीं करते.

यह सच है दोस्तों किसी से प्यार ना करना,
कभी किसी का इस जमाने में ऐतबार ना करना,
थाम के खंजर अपने ही हाथों में,
बेदर्दी से अपने दिल पर वार ना करना.

उनकी मोहब्बत का अभी निशान बाकी है,
नाम होठों पे, जान बाकी है.
क्या हुआ अगर देखकर नजरें फेर लेते हैं,
तसल्ली है कि अभी तक उसकी पहचान बाकी है.

हमारी हर खता पे नाराज ना होना,
अपनी प्यारी सी मुस्कुराहट को कभी ना खोना,
सकून मिलता है देखकर आपकी मुस्कुराहट,
हमें मौत भी आए तो भी मत रोना.

लोग कहते हैं तू इतना प्यार मत करो,
कि प्यार दिल पर सवार हो जाए,
हम पाते हैं प्यार ऐसा करो,
दुश्मन को भी तुमसे प्यार हो जाए.

तुमको दिल में अमानत की तरह रखा है,
एक राज बनाकर दिल में छुपा रखा है,
है तो बहुत कुछ कहने के लिए पर इतना समझ लो,
तुमको इबादत के लिए रखा है.

दर्दे-ए-दिल किसको बताएं,
हमें यहां पर हर दूसरा दिलजला मिलता है,
कमबख्त या तेरा चेहरा हमें अब शराब में भी नजर आता है,
सोचता हूं दिल बदल लूं लेकिन अब हर दिल में तेरा एहसास मिल जाता है.

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