Friend Shayri

आपकी खुशी से नहीं गम से भी रिश्ता है मेरा,
यह जो आपकी जिंदगी है वह एक हिस्सा है मेरा,
ए दोस्त! आपसे लफ्जों का नहीं दिल से रिश्ता है मेरा.

हम ना रहेंगे, हंसाने ना रहेंगे,
फिर याद आने के जमाने ना रहेंगे,
तुम याद तो जरूर करोगे हमको,
मगर पास बुलाने के बहाने में रहेंगे.

मेरी चाहत ने उसको खुशी दे दी,
बदली में उसने मुझे सिर्फ खामोशी दे दी,
खुदा से दुआ मांगी थी मरने की,
लेकिन उसने भी तड़पने के लिए जिंदगी दे दी.

आंखों में रहने वाले को याद नहीं करते,
दिल मिलाने वालों की बात नहीं करते हैं,
हमारी तो रूम में बस गए आप,
तभी तो हम मिलने की फरियाद नहीं करते.

लोग समझते हैं कि हमने तुम्हें भुला रखा है,
यह नहीं जानते कि कहीं दिल में छुपा रखा है.
देख ना ले कोई मेरी आंखों में तस्वीर तेरी,
मैंने अपनी पलकों को इस कदर छुपा रखा है.

कोई हम से ऐसी क्या खता,
क्यों दी हमको इतनी बड़ी सजा,
क्यों हुए तुम इस कदर बेवफा,
ए दोस्त! मेरा कसूर क्या था जरा इतना तो बता.

अगर कल हम ना भी रहे,
हमारी यादें सदा रहेगी,
सिर्फ नजर उठा कर देखना चांद को,
हमारी दोस्ती की तस्वीर वहां बनी रहेंगी.

ए बारिश जरा थम के बरस,
जब मेरा यार आए तो जम के बरस,
पहले ना बरस कि वह आ ना सके,
फिर इतना बरस कि वह जा ना सके.

कभी गमों से तुम्हारी मुलाकात ना हो,
उदास बैठे हो ऐसी कोई बात ना हो,
शिकायत हो तो हमें माफ कर देना,
फुरसत से बैठे हो तो हमें याद कर लेना.

जुदाई आपकी रुलाती रहेगी,
याद आपकी आती रहेगी,
पल पल जान जाती,
जब तक जिस्म में है जान,
मेरी हर सांस यारी निभाती रहेगी.

वो रुठे हमसे हम मनाने चले,
मनाना नहीं आता या भूल हो गई,
मनाना हमने कभी सीखा ही नहीं,
क्या करें हमसे यूं पहले कोई रूठा ही नहीं.

आपकी दोस्ती की एक नजर चाहिए,
दिल है बेघर इसे एक घर चाहिए,
बस यूं ही साथ चलते रहो,
ए दोस्ती यह दोस्ती हमें उम्र भर चाहिए,

ऐसा नहीं कि आप की याद आती नहीं,
खता इतनी है कि हम बताते नहीं,
दोस्ती आपकी अनमोल है हमारे लिए,
समझते हो आप इसलिए जताते नहीं.

जुबान से नाम लेते हैं,
आंखों से आंसू छलक जाते हैं,
कभी हजारों बातें किया करते थे,
आज एक बात के लिए तरस जाते हैं.

आरजू है तुम्हें दूर से देखने की,
करीब आना नहीं चाहते,
तमन्ना नहीं तुम्हें पाने की,
मगर खोना भी नहीं चाहते.

रोज सोचता हूं आज उनसे इजहार कर देंगे,
मगर डर लगता है कि “वो” इंकार कर देंगे,
रोज दिल कहता है, कह दे दिल की बात,
डर लगता है “वो” सरेआम बदनाम कर देंगे.

क्यों कोई चाह कर भी दोस्ती निभा नहीं पाता,
क्यों कोई चाह कर भी रिश्ता बना नहीं पाता,
क्यों लेती है जिंदगी ऐसी करवट की,
कोई चाह कर भी प्यार जता नहीं पाता.

न खुदा दिल बनाता न किसी से प्यार होता,
ना किसी की याद आती ना किसी का इंतजार होता,
दिल दिया है इसे संभाल के रखना,
शीशे से बना है पत्थर से दूर रखना.

किस्मत से अपनों को शिकायत क्यों होती है,
जो नहीं मिल सकता उसी से मोहब्बत क्यों होती है,
कितने खड़े दिल की राहों में,
पर फिर भी दिल को उसी की तलाश थी.

हर वक्त मुस्कुराना फितरत है हमारी,
आप हमेशा खुश रहना हसरत है हमारी,
हम आपको याद आए या ना आए,
आपको याद करना आदत है हमारी.

जाती जाती वह कोई अच्छी निशानी दे गए,
उम्र भर दोहरा सबको ऐसी कहानी दे गए,
हम तो रह गए प्यासे,
पर हमारी पलकों को वो पानी दे गए.

लौट जाती है दुनिया गम हमारा देखकर,
जैसे लौट जाती है लहरें किनारा देखकर,
तू कंधा न देना मेरे जनाजे को,
कहीं फिर जिंदा ना हो जाऊं तेरा सहारा देखकर.

लम्हा लम्हा करते जिंदगी बनाई,
जिंदगी मौत में सिमट आई,
मोहब्बत थी तो तनहा ना थे,
वरना कैसे दूर होती है तन्हाई.

दोस्ती नाम है सुख-दुख की कहानी है,
दोस्ती नाम है सदा मुस्कुराने का,
यह पल पल भर की पहचान नहीं,
दोस्ती नाम है सदा साथ निभाने का.

चिराग से अंधेरे दूर हो जाते हैं,
तो चांद की चाहत किसे होती,
कट सकती है अकेले यह जिंदगी,
तो दोस्ती की चाहत किसे होती.

उम्र की राह में इंसान बदल जाता है,
वक्त की आंधी में तूफान बदल जाता है,
सोचता हूं वह तुम्हें परेशान करूं,
लेकिन बाद में इरादा बदल जाता है.

हमें एक ऐसा साथी चाहिए,
जो हमें अपना मान सके,
हमारी हर दुख दर्द को बांट सकें,
जब हम चल भी रहे हो तेज बारिश में,
तो वह हमारे बहते हुए आंसुओं को पहचान सके,

कल मिला वक्त तो जुल्फें तेरी सुलझा दूंगा,
आज उजझा हूँ ज़रा वक़्त को सुलझाने में,
यु तो सुलझ जाती है उलझी जुल्फें,
मगर उम्र कट जाती है वक्त को सुलझाने में

फिजा में महकती एक शाम हो तुम,
प्यार में झलकता जाम हो तुम,
सीने में छुपाए फिरते हैं हम याद तुम्हारी,
मेरी जिंदगी का दूसरा नाम है तुम.

तुझसे रोज मिलने को दिल चाहता है,
कुछ सुनने सुनाने को दिल चाहता है,
है उनका मनाने का अंदाज ऐसा,
की रोज फिर रूठ जाने को जी चाहता है.

यह दिल का जख्म तुमने दिया है तो कोई बात नहीं,
यह जिगर का दर्द अगर तुमने दिया है तो कोई बात नहीं,
मजाल किसकी थी कि कहता मुझे दीवाना,
मगर यह तुमने कहा है तो कोई बात नहीं.

अगर मंजिल को पाना है तो हौसला साथ रखना,
अगर प्यार को पाना है तो एतबार साथ रखना,
अगर हमेशा मुस्कुराना है तो हमे साथ रखना.

हिचकियों से एक बात का एहसास होता है,
कि शायद कोई हमें याद तो करता है,
मिलने ना आए तो क्या,
हम पर चार लम्हे बर्बाद तो करता है.

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